Flowering Plants Care: फूल आने के बाद भी क्यों गिर जाते हैं पौधे? जानिए कारण
Flowering Plants Care: गार्डनिंग करने वाले लगभग हर व्यक्ति ने कभी न कभी यह समस्या जरूर देखी होगी कि पौधे में कलियां तो खूब आती हैं, लेकिन फूल खिलने से पहले ही गिर जाते हैं या खिले हुए फूल जल्दी झड़ जाते हैं। यह समस्या फूल वाले पौधों जैसे गुलाब, गेंदा, गुड़हल, चमेली और मोगरा में अक्सर देखने को मिलती है। कई लोग इसे किसी बीमारी का संकेत मान लेते हैं, जबकि ज्यादातर मामलों में इसकी वजह देखभाल से जुड़ी कुछ सामान्य गलतियां होती हैं। अगर समय रहते कारण समझ लिया जाए, तो फूलों के गिरने की समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है।
पानी का असंतुलन सबसे बड़ा कारण हो सकता है
फूल गिरने का सबसे आम कारण पानी का गलत प्रबंधन है। यदि पौधे को जरूरत से ज्यादा पानी दिया जाए, तो जड़ों तक ऑक्सीजन कम पहुंचती है और पौधा तनाव में आ जाता है। वहीं लंबे समय तक मिट्टी सूखी रहने पर भी पौधा अपनी ऊर्जा बचाने के लिए फूल और कलियां गिराना शुरू कर सकता है।
खासकर गर्मियों में कई लोग नियमित पानी देना भूल जाते हैं, जबकि कुछ लोग हर दिन जरूरत से ज्यादा पानी डाल देते हैं। दोनों स्थितियां पौधे के लिए नुकसानदायक होती हैं। मिट्टी की नमी को देखकर ही पानी देना सबसे बेहतर तरीका माना जाता है।
धूप की कमी या जरूरत से ज्यादा धूप
अधिकांश फूल वाले पौधों को अच्छी मात्रा में धूप की जरूरत होती है। यदि पौधे को पर्याप्त सूर्य प्रकाश नहीं मिलता, तो वह मजबूत फूल विकसित नहीं कर पाता और कलियां झड़ने लगती हैं। गुलाब, गेंदा और गुड़हल जैसे पौधों को रोजाना कई घंटे धूप चाहिए होती है।

दूसरी ओर, बहुत तेज गर्मी और लू भी फूलों को नुकसान पहुंचा सकती है। गर्मियों में दोपहर की अत्यधिक धूप के कारण कई बार फूल जल्दी सूखकर गिर जाते हैं। इसलिए मौसम के अनुसार पौधों को उचित स्थान पर रखना जरूरी होता है।
पोषक तत्वों की कमी से भी झड़ सकते हैं फूल
जब पौधे को पर्याप्त पोषण नहीं मिलता, तो वह फूलों को लंबे समय तक संभाल नहीं पाता। विशेष रूप से फॉस्फोरस और पोटैशियम की कमी होने पर फूल कम आते हैं और जो फूल आते हैं वे भी जल्दी गिर सकते हैं।
कई लोग सिर्फ नाइट्रोजन वाली खाद का अधिक उपयोग करते हैं, जिससे पत्तियां तो खूब निकलती हैं लेकिन फूलों की संख्या कम हो जाती है। संतुलित जैविक खाद या फूल वाले पौधों के लिए उपयुक्त खाद का नियमित उपयोग पौधे को आवश्यक पोषण प्रदान करता है।
मौसम में अचानक बदलाव भी जिम्मेदार हो सकता है
फूल वाले पौधे तापमान में अचानक होने वाले बदलावों के प्रति काफी संवेदनशील होते हैं। अत्यधिक गर्मी, ठंडी हवा, लगातार बारिश या अचानक मौसम बदलने पर पौधा तनाव में आ सकता है। ऐसे समय में अक्सर फूल और कलियां गिरने लगती हैं।
मानसून के दौरान अधिक नमी और सर्दियों में पाला भी फूलों को प्रभावित कर सकता है। इसलिए मौसम बदलने पर पौधों की देखभाल के तरीके में भी बदलाव करना जरूरी होता है।
कीट और रोगों को नजरअंदाज न करें
कई बार फूल गिरने की वजह कीट या फंगल संक्रमण भी हो सकते हैं। एफिड्स, थ्रिप्स और अन्य छोटे कीट कलियों और फूलों का रस चूसते हैं, जिससे वे कमजोर होकर गिरने लगते हैं। इसी तरह फंगल रोग भी पौधे की ऊर्जा कम कर सकते हैं।
समय-समय पर पौधों की पत्तियों, कलियों और तनों का निरीक्षण करना जरूरी है। यदि किसी प्रकार का संक्रमण दिखाई दे, तो तुरंत उचित उपाय करने चाहिए ताकि समस्या बढ़ने न पाए।
सही देखभाल से फूल लंबे समय तक टिके रह सकते हैं
फूलों का गिरना हमेशा किसी बड़ी समस्या का संकेत नहीं होता, लेकिन यह जरूर बताता है कि पौधे की किसी जरूरत को पूरा नहीं किया जा रहा है। सही मात्रा में पानी, पर्याप्त धूप, संतुलित पोषण और समय पर कीट नियंत्रण से अधिकांश फूल वाले पौधे स्वस्थ रहते हैं और लंबे समय तक भरपूर फूल देते हैं।
यदि आपका पौधा बार-बार फूल गिरा रहा है, तो घबराने के बजाय उसकी देखभाल की आदतों की जांच करें। अक्सर छोटी-सी गलती को सुधारने से ही पौधा दोबारा स्वस्थ हो जाता है और पहले की तरह खूबसूरत फूलों से भर जाता है।
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