छोटी बालकनी में उगाएं ढेर सारे लाल-लाल टमाटर, बस ये आसान तरीका जान लें
How To Grow Tomatoes At Home: अगर आपके घर में गार्डन के लिए जगह नहीं है और सिर्फ एक छोटी सी बालकनी है, तो भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। आप चाहें तो इसी छोटी सी जगह में टमाटर के पौधे लगा सकते हैं और कुछ समय बाद पौधे पर लगे लाल-लाल टमाटर देखकर आपको भी काफी खुशी होगी। सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लिए न तो बहुत बड़ी जगह चाहिए और न ही कोई बहुत मुश्किल तरीका अपनाना पड़ता है। बस सही गमला, अच्छी मिट्टी, धूप और थोड़ी नियमित देखभाल चाहिए।
सबसे पहले सही गमला चुनें
टमाटर का पौधा लगाने से पहले गमले का चुनाव थोड़ा सोच-समझकर करें। बहुत छोटा गमला लेने की गलती न करें, क्योंकि पौधा बड़ा होने के साथ उसकी जड़ें भी फैलती हैं। कोशिश करें कि गमला कम से कम 12 से 18 इंच गहरा और चौड़ा हो। अगर आपके पास बालकनी में ज्यादा जगह नहीं है, तो बड़ा ग्रो बैग भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
एक और बात का खास ध्यान रखें कि गमले के नीचे पानी निकलने के लिए छेद जरूर हों। कई लोग पौधे को अच्छा रखने के चक्कर में जरूरत से ज्यादा पानी दे देते हैं, लेकिन यही गलती बाद में पौधे की जड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है। टमाटर के पौधे को नमी जरूर चाहिए, लेकिन गमले में पानी जमा रहना बिल्कुल अच्छा नहीं है।
बालकनी में ऐसी जगह रखें पौधा
अब सवाल आता है कि गमला बालकनी में कहां रखा जाए? इसका सीधा सा जवाब है—जहां अच्छी धूप आती हो। टमाटर को धूप काफी पसंद होती है और अच्छी ग्रोथ के लिए रोजाना करीब 6 से 8 घंटे धूप मिलना फायदेमंद रहता है। अगर आपकी बालकनी में पूरे दिन धूप नहीं आती तो कोई बात नहीं, बस ऐसी जगह चुनें जहां दिन में सबसे ज्यादा धूप आती हो।
अगर पौधे को धूप बहुत कम मिलेगी तो उसकी ग्रोथ कमजोर हो सकती है और फूल आने के बाद भी फल कम लग सकते हैं। इसलिए गमला रखने से पहले एक-दो दिन बालकनी में धूप का पैटर्न देख लेना भी अच्छा तरीका है।

मिट्टी ऐसी रखें कि पौधा तेजी से बढ़े
टमाटर का पौधा अच्छी तरह बढ़े, इसके लिए मिट्टी का सही होना बहुत जरूरी है। सामान्य गार्डन मिट्टी के साथ कम्पोस्ट या वर्मी कम्पोस्ट और कोकोपीट मिलाकर आप घर पर ही अच्छी पॉटिंग मिट्टी तैयार कर सकते हैं। मिट्टी बहुत ज्यादा सख्त नहीं होनी चाहिए, क्योंकि जड़ों को फैलने के लिए जगह और हवा दोनों चाहिए।
आप एक आसान मिश्रण इस तरह तैयार कर सकते हैं:
- 40 प्रतिशत सामान्य गार्डन मिट्टी
- 30 प्रतिशत अच्छी तरह तैयार कम्पोस्ट या वर्मी कम्पोस्ट
- 20 प्रतिशत कोकोपीट
- 10 प्रतिशत रेत या जल निकासी में मदद करने वाला पदार्थ
मिट्टी तैयार करने के बाद पौधे को गमले में लगाएं और उसके आसपास की मिट्टी को हल्के हाथ से दबा दें। इसके बाद थोड़ा पानी दें। शुरुआत में पौधे को बार-बार छेड़ने या उसकी जड़ों के आसपास मिट्टी खोदने से बचें।
बीज लगाएं या तैयार पौधा खरीदें?
अगर आप पहली बार टमाटर उगा रहे हैं तो किसी अच्छी नर्सरी से स्वस्थ पौधा लाना सबसे आसान तरीका रहेगा। इससे बीज उगाने और शुरुआती पौधे की देखभाल का झंझट थोड़ा कम हो जाता है। लेकिन अगर आपको गार्डनिंग का शौक है तो टमाटर के बीज से भी पौधा तैयार कर सकते हैं।
बीज से पौधा तैयार करने में थोड़ा समय जरूर लगता है, लेकिन जब वही छोटा सा बीज आगे चलकर टमाटर का पौधा बनता है और उसमें फल आते हैं, तो उसका मजा ही अलग होता है। बस पौधा बड़ा होने पर उसे छोटे कंटेनर में ज्यादा समय तक न रखें और उचित आकार के गमले में शिफ्ट कर दें।
पानी देते समय यह गलती न करें
टमाटर के पौधे की देखभाल में सबसे ज्यादा गलती पानी को लेकर ही होती है। कुछ लोग रोज बहुत ज्यादा पानी डाल देते हैं, जबकि ऐसा करना जरूरी नहीं है। पानी देने से पहले गमले की ऊपर वाली मिट्टी को उंगली से हल्का सा छूकर देख लें। अगर मिट्टी सूखी लग रही है तो पानी दें और अगर अभी नमी मौजूद है तो थोड़ा इंतजार करना बेहतर है।
गर्मी के दिनों में पौधे को पानी की जरूरत बढ़ सकती है, जबकि बारिश या ठंड के मौसम में कम पानी पर्याप्त हो सकता है। कोशिश करें कि पानी पौधे की जड़ों के आसपास जाए और गमले में लंबे समय तक पानी खड़ा न रहे।
पौधे को सहारा देना न भूलें
शुरुआत में टमाटर का पौधा छोटा और सीधा दिखाई देता है, लेकिन जैसे-जैसे वह बड़ा होता है, उसकी शाखाओं पर फूल और फिर टमाटर आने लगते हैं। इस वजह से पौधा झुक भी सकता है। इसलिए पौधा बड़ा होने का इंतजार न करें। शुरुआत से ही उसे लकड़ी की स्टिक या किसी मजबूत सपोर्ट का सहारा दे दें।
समय-समय पर पौधे को देखते रहें। अगर कोई पत्ती सूखी या खराब हो गई है तो उसे हटा सकते हैं। साथ ही पौधे के आसपास हवा का अच्छा आवागमन बना रहे, इसका भी ध्यान रखें।
कब आएंगे लाल-लाल टमाटर?
पौधे पर पहले छोटे-छोटे फूल आएंगे और उसके बाद उन्हीं जगहों पर हरे टमाटर दिखाई देने लगेंगे। शुरुआत में फल देखकर शायद आपको लगे कि अभी तो बहुत समय लगेगा, लेकिन सही देखभाल मिलने पर धीरे-धीरे उनका आकार बढ़ेगा और रंग भी हरे से बदलकर लाल होने लगेगा।
जब टमाटर पकने लगें तो उन्हें जरूरत के हिसाब से तोड़ते रहें। इससे पौधे पर बाकी फलों के विकास के लिए भी जगह और ऊर्जा मिल सकती है। हालांकि, पौधे की स्थिति, किस्म और मौसम के हिसाब से फल आने और पकने का समय अलग-अलग हो सकता है।
टमाटर का पौधा लगाते समय इन बातों का ध्यान रखें
- बहुत छोटा गमला इस्तेमाल न करें।
- गमले में पानी निकलने के लिए छेद जरूर रखें।
- पौधे को पर्याप्त धूप वाली जगह पर रखें।
- जरूरत से ज्यादा पानी न दें।
- मिट्टी में अच्छी गुणवत्ता वाली जैविक खाद मिलाएं।
- पौधा बढ़ने पर उसे सहारा जरूर दें।
- सूखी और खराब पत्तियों पर नजर रखें।
- फल आने के बाद पौधे की नियमित देखभाल करते रहें।
छोटी बालकनी में भी बन सकता है अपना छोटा किचन गार्डन
बालकनी छोटी है तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि आप घर पर सब्जियां नहीं उगा सकते। टमाटर इसका एक अच्छा उदाहरण है। एक बड़े गमले या ग्रो बैग में लगाया गया एक स्वस्थ पौधा भी आपकी बालकनी को हरा-भरा बना सकता है और सही देखभाल मिलने पर आपको अपने घर के उगाए टमाटर भी मिल सकते हैं।
शुरुआत में एक या दो पौधों से ही कोशिश करें। पौधे की जरूरत समझ में आने लगे तो धीरे-धीरे दूसरे पौधे भी लगा सकते हैं। आखिर बाजार से टमाटर खरीदना तो रोज का काम है, लेकिन अपनी बालकनी में लगाए पौधे से पहला लाल टमाटर तोड़कर खाना एक अलग ही खुशी देता है।
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