सिर्फ एक गमले में उगाएं ढेर सारी पालक, जानिए आसान स्टेप-बाय-स्टेप तरीका
Spinach Plant Growing Tips: अगर आपको बाजार से पालक खरीदने के बजाय घर पर ही ताजा पालक तोड़कर सब्जी बनाना अच्छा लगता है, तो इसके लिए बड़े गार्डन की जरूरत नहीं है। आप बालकनी, छत या खिड़की के पास रखे गमले में भी आसानी से पालक उगा सकते हैं। पालक उन हरी सब्जियों में शामिल है जिसे घर पर उगाना ज्यादा मुश्किल नहीं होता। सही मिट्टी, पर्याप्त रोशनी, पानी और थोड़ी सी नियमित देखभाल के साथ गमले में अच्छी पत्तियां तैयार की जा सकती हैं।
सबसे पहले सही गमला चुनें
पालक की जड़ें बहुत गहरी नहीं जातीं, इसलिए इसके लिए बहुत ज्यादा गहरे गमले की जरूरत नहीं होती। आप करीब 8 से 12 इंच गहरे चौड़े गमले, ट्रे या ग्रो बैग का इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर आपके पास जगह कम है तो एक लंबा प्लांटर भी अच्छा विकल्प रहेगा। बस ध्यान रखें कि नीचे पानी निकलने के लिए पर्याप्त छेद जरूर हों।
गमला ऐसी जगह रखें जहां पौधे को रोजाना अच्छी रोशनी मिले। पालक को पर्याप्त धूप पसंद है, लेकिन बहुत ज्यादा गर्मी में दोपहर की तेज धूप पौधे पर असर डाल सकती है। इसलिए गर्म मौसम में सुबह की धूप और हल्की छांव वाली जगह बेहतर रह सकती है।

मिट्टी तैयार करने का आसान तरीका
पालक की अच्छी ग्रोथ के लिए मिट्टी भुरभुरी और पोषक तत्वों से भरपूर होनी चाहिए। सामान्य गार्डन मिट्टी में कम्पोस्ट या वर्मी कम्पोस्ट और कोकोपीट मिलाकर आप घर पर ही अच्छी पॉटिंग मिक्स तैयार कर सकते हैं।
मिट्टी तैयार करते समय इन चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं:
- गार्डन मिट्टी
- अच्छी तरह तैयार कम्पोस्ट या वर्मी कम्पोस्ट
- कोकोपीट
- जरूरत के अनुसार थोड़ी रेत
मिट्टी को गमले में भरने के बाद उसे बहुत ज्यादा दबाएं नहीं। पालक के बीजों को हल्की और ढीली मिट्टी पसंद आती है।
अब ऐसे बोएं पालक के बीज
बीजों को मिट्टी की सतह पर ज्यादा गहराई में बोने की जरूरत नहीं होती। उन्हें हल्के हाथ से मिट्टी में दबाकर ऊपर से मिट्टी की पतली परत डाल दें। इसके बाद स्प्रे या हल्के पानी की मदद से मिट्टी को नम कर दें।
शुरुआती दिनों में मिट्टी को सूखने न दें, लेकिन पानी इतना भी न डालें कि गमले में कीचड़ जैसा हो जाए। आमतौर पर उचित नमी और अनुकूल तापमान मिलने पर कुछ दिनों में छोटे-छोटे पौधे दिखाई देने लगते हैं।
पौधे निकलने के बाद रखें इन बातों का ध्यान
जब पालक के पौधे थोड़े बड़े होने लगें तो उन्हें बहुत ज्यादा घना न रहने दें। जरूरत पड़ने पर कमजोर या बहुत पास-पास उगे पौधों को निकालकर बाकी पौधों के बीच थोड़ी जगह बना दें। इससे पौधों को हवा और रोशनी बेहतर तरीके से मिलती है।
पानी हमेशा मिट्टी की जरूरत देखकर दें। गर्म मौसम में मिट्टी जल्दी सूख सकती है, जबकि ठंड या बारिश के समय पानी की जरूरत कम हो सकती है। समय-समय पर थोड़ी मात्रा में कम्पोस्ट देना भी पौधे की ग्रोथ के लिए उपयोगी हो सकता है।
पालक की पत्तियां कब तोड़ें?
जब पालक की पत्तियां पर्याप्त आकार की हो जाएं तो आप बाहर की बड़ी पत्तियों को धीरे-धीरे तोड़कर इस्तेमाल कर सकते हैं। एक साथ पूरा पौधा उखाड़ने के बजाय जरूरत के अनुसार पत्तियां तोड़ने से कई मामलों में लगातार नई पत्तियां लेने का मौका मिलता है।
हालांकि, बहुत ज्यादा गर्म मौसम में पालक जल्दी फूलने या कमजोर होने लग सकता है। इसलिए “हर मौसम” में बिल्कुल समान परिणाम की उम्मीद न रखें। मौसम के हिसाब से धूप, पानी और गमले की जगह में थोड़ा बदलाव करना बेहतर रहता है।
घर के गमले में उगाएं ताजा पालक
गमले में पालक उगाने का सबसे बड़ा फायदा यही है कि आपको इसके लिए बड़े खेत या बगीचे की जरूरत नहीं पड़ती। थोड़ी सी जगह में भी आप अपनी जरूरत के हिसाब से पालक उगा सकते हैं। शुरुआत में एक गमले से प्रयोग करें और पौधों की जरूरत समझ आने के बाद धीरे-धीरे दूसरे कंटेनर में भी पालक लगाएं। सही देखभाल के साथ घर की छोटी सी बालकनी भी आपकी अपनी हरी-भरी किचन गार्डन बन सकती है।
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